शंगरी ला घाटी - Shangri La Ghati
शंगरी ला घाटी बरमूडा ट्रायंगल की तरह बदनाम है कहा जाता है कि यहाँ जाने वाले सभी लोग गायब हो जाते है शंगरी ला घाटी तांत्रिक साधनाओ और साधना करने वाले लोगो के रहने का केंद्र माना जाता है| जेम्स हिल्टन ने भी इस घाटी का जिक्र अपनी पुस्तक होराइज़न मे किया हुआ है| और भी बहुत से लोगो ने इस घाटी का ज़िक्र अपनी किताबो मे किया है| शंगरी ला घाटी तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश बिच स्तिथ है तंत्र - मंत्र की पुस्तकों मे खास शंगरी ला घाटी का उल्लेख मिलता है | डॉ गोपीनाथ ने भी अपनी किताब मैं इसका जिक्र किया है| जो की पद्मभूषण से नवाजे गए थे| उन के अनुसार घाटी बरमूडा की जैसे ही रहस्यमई है|उनका मानना था की इसका सम्बन्ध दूसरे लोक से है|
यही नहीं सुप्रसिद्ध तंत्र साहित्य लेखक अरुण कुमार शर्मा ने अपनी पुस्तक मे इसका विवरण दिया है जिसका नाम तिब्बत की वह रहस्यमय घाटी है | यदि आपको इसके इसके बारे मे और गहन जानना है तो आपको प्राचीन किताब जिसका नाम काल विज्ञानं है वो पढ़नी पड़ेगी | और किताब आपको तिब्बत के तिवांठ मठ के पुस्तकालय मे मिलेगी | किताब तिब्बत की भाषा मे लिखी गई है | इन किताबो के अनुसार यह पता चलता है कि यहाँ तीन आयामों के अलावा चौथा आयाम काम करता है | जहा कोई भी वस्तु या व्यक्ति पहुंचते ही वह अदृश्य हो जाती है | इसे पृथ्वी का आध्यात्मिक केंद्र भी माना जाता है |
कहा जाता है कि शंग्रिला घाटी को आम आदमी अपनी नज़रों से नहीं देख सकता है। युत्सुंग ने बताया है कि वह ना तो सूर्य का प्रकाश पहुंचता है और ना ही वहा चांद की रोशनी पहुंचती है। उनके अनुसार वहा तीन साधना केंद्र है।
1.ज्ञानगंज मठ
2.सिद्ध विज्ञान आश्रम
3.योग सिद्धाश्रम
इन साधना केंद्रों पर अनेक योगी मिल जाएंगे।ये योगी पुराने काल से है यहां साधना के लिए आते है। शंग्रीला घाटी को सिद्धाश्रम भी कहा जाता है।इसका वर्णन वेदों मे, रामायण, महाभारत सभी में मिलता है। यहां लोग सैकड़ों वर्षों तक जीवित रहते है।कई लोगो ने शग्रीला घाटी का पता लगाने की कोशिश की परंतु कोई लोट कर नहीं आया सब गायब हो गए।




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